Chedilal Prajapati
Chedilal Prajapati
Anjani meri jaan
Friday, March 29, 2013
“निकम्मे लोग सिर्फ खाने पीने के लिए जीते हैं, लेकिन सार्थक जीवन वाले जीवित रहने के लिए ही खाते और पीते हैं।” - सुकरात Chedilal Prajapati
संसार एक कड़वा वृक्ष है, इसके दोफल ही अमृत जैसे मीठे होते हैं - एक
मधुर वाणी और दूसरी सज्जनों कीसंगति।" - चाणक्य
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