निष्क्रियता से संदेह और डर की उत्पत्ति होती है. क्रियाशीलता से विश्वास और साहस का सृजन होता है. यदि आप डर पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं, तो चुपचाप घर पर बैठ कर इसके बारे में विचार न करें. बाहर निकले और व्यस्त रहें.” - डेल कार्नेगी Chedilal Prajapati
हे भगवान, मुझे उन बातों को स्वीकार करने का धैर्य प्रदान करो जिन्हें
मैं बदल नहीं सकता हूं; जिन चीजों को मैं बदल सकता हूं उनको बदलने का
साहस दो; तथा इनदोनों में अंतर करने के लिए बुद्धि प्रदान करो." - डा.
रीनहोल्ड नीबुहर
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