यदि आप मानसिक शांति के बदले मेंसाम्राज्य भी प्राप्त करते हैं तो भी आप
पराजित ही हैं."
विचार से कर्म की उत्पत्ति होती है, कर्म से आदत की उत्पत्ति होती है,
आदत से चरित्र की उत्पत्ति होती है और चरित्र से आपके प्रारब्ध की
उत्पत्ति होती है. " - बौद्ध कहावत





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