हर रास्ता एक सफर चहता है¤ हर मुसाफिर एक हम सफर चाहता है¤ जैसे चाहता है चाँद चादनी को¤ कोई है जो आप को इस कदर चाहता है
आँखे आप की हो पर साँसे मेरा हो,दिल आप का हो पर धडकन मेरा हो,जिन्दगी के इस मोड पर दुआ है कि कफन आप का हो और लास मेरा हो।
तपन सुरज से होती है झुलसना जमीन को पणता है.मुहब्बत आँख करती है तणपना दिल को पणता है .
अपनी जमीन अपन अकास पैदा कर .अपना अलग एक इतीहास पैदा कर .माँगने से जिन्दगी कहाँ मिलती है ऐ दोस्त .अपने हर कदम एक नया बिस्वास पैदा कर
आसुँ न होते आखोँ मे तो आखे इतनी खुब सुरत न होती दर्द न होता दिल मे तो खुशियो की किमत न होती पुरी होती अगर सबकी मुरादे तो खुदा को किसी की जरुरत न होती ।
कसम.तोँ.खाते.है.ओ.जो.निभाते.नही.जो.निभाते.है.ओ.कसम.खाते.नही.जाने.वालोँ.का.कया.भरोसा.जो.लौट.कर.आते.नही.देजाते.है.दरद.ओ.जो.दिलो.मे.चाह.कर.भी.कभी.फ़िर.मुसकुराते.नही.राज.ए.इशक.है.गुनाह.कया.सोचते.है.मगर.कह.प
नजर से नजर मिला कर के देखिये.किसी को अपने दिल मे बसा कर के देखिये .दुल्हन की तरह सजा ऊगाँ आप को किसी दिन हमारे घर आ कर के देखिये
आपकी हर के लिए हम बर्बाद हो गये.आये थे जब जिन्दगी मे हम आबाद हो गये.अब आपसे थोड़ी दुरी है तो फरियाद हो गये.तुम हमारी जिन्दगी के यादोँ मे बर्बाद और हम उनकी यादोँ सी आजाद हो गये।
मै दुनीया तेरी छोड चला .जरा सुरत तो दीखला जाना .दो आसु लेकर आखो मे .मेरी लास पे आके रोजाना .जरा सुरत तो दीखला जाना
आंशु आपके गिरे तो आँखे हमारी हो,दिल आपकि धडके तो धडकने हमारी हो,खूदा करे की हमारि दोस्ती ईतनी गहरी हो जाए,कि शास आपकी रुके तो मौत हमारी हो
सुरज डुब सकता है समुन्द्र सुख सकता है मगर महेन्द्र प्रताप का दिल किपास आकर के पास आकर के .ओ दुर चले जाते है. भीड मे भी हम अकेले नजर आतसी और लड्की पर पिघल नही सकता है केबल तुम्हे छोड कर SK JE Mahendे है .दिल का र्दद हम दिखाऐ कीसे .जब मल्हम लगाने वाले ही जख्म देजात
तेरे जुलफे को देखकर गजल छोड देगे।बागो मे खिला कमल छोड देगेँ.शाहजहा ने ताज महल छोडा था।हम तेरे प्यार मे खुब् सुरत महल छोड देगे
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